पटना, जनवरी 21 -- विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि विधायिका की जवाबदेही का पहला और सबसे महत्वपूर्ण आधार पारदर्शिता है। सदन की कार्यवाही, विधायी बहसें, प्रश्नोत्तर, समितियों का प्रतिवेदन और विधेयकों पर विचार, ये सभी प्रक्रियाएं जितनी अधिक खुली और सुलभ होंगी, जनता का विश्वास उतना ही सुदृढ़ होगा। आज प्रौद्योगिकी के माध्यम से कार्यवाही का सीधा प्रसारण, डिजिटल अभिलेख और सार्वजनिक पोर्टलों पर सूचनाओं की उपलब्धता ने विधायिका और नागरिकों के बीच की दूरी को कम किया है। विधानसभा अध्यक्ष बुधवार को 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। यूपी विधानसभा में 'जनता के प्रति विधायिका की जवाबदेही' विषय पर इसका आयोजन किया गया था। उन्होंने कहा कि यह विषय शासन की आत्मा से जुड़ा है। जनता के प्रति जवाबदेही से ही लोकतंत्र की विश्...
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