लखनऊ, जनवरी 20 -- लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुने हुए जनप्रतिनिधियों का क्षमता निर्माण बेहद जरूरी है। उनकी दक्षता बढ़ानी होगी। सदन को बेहतर ढंग से चलाने के लिए विधायकों को विधायी प्रक्रिया और संवैधानिक परंपराओं का ज्ञान होना जरूरी है। वक्त के साथ चुने हुए जनप्रतिनिधियों के सामने नई चुनौतियां भी उभरी हैं। ऐसे में उन्हें समय के साथ चलना होगा। नवाचार के साथ ही एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) का ज्ञान जरूरी है। इनके लिए जरूरी है विधायकों का प्रशिक्षण। इसका एक प्रोटोकॉल बनाया जाना चाहिए। गुजरात विधानसभा के स्पीकर शंकर भाई चौधरी ने 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के दूसरे दिन यह मुद्दा उठाया तो पंजाब, आंध्र प्रदेश सहित कई विधानसभाओं के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों ने भी अपने वक्तव्यों में इसे आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने रिफार्...