लखनऊ, फरवरी 12 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को उनके खाते में मानदेय का मुद्दा विधान परिषद में निर्दल समूह के राज बहादुर सिंह चंदेल ने उठाया। उन्होंने बताया कि इन शिक्षकों को 11 माह का मानदेय दिया जाता है। यह मानदेय प्रबंधतंत्र को जाता है। वे इनको पूरा मानदेय नहीं देते। वे 8-10 महीने का ही मानदेय इनको देते हैं। इस धांधली को रोकने के लिए जरूरी है कि मानदेय सीधे शिक्षकों के खाते में जाए। इसका समर्थन करते हुए भाजपा के देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि मानदेय भुगतान में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) सिस्टम लागू किया जाए ताकि सरकार मानदेय के मद में जितना जारी करे वह पूरा का पूरा लाभार्थी के खाते में जाए। उन्होंने कहा कि इससे प्रबन्ध तंत्र की लूट समाप्त हो सकेगी। सभापति ने भी इसका समर्थन करते हुए माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्...