नई दिल्ली, जनवरी 27 -- संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का असाधारण इस्तेमाल करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक विधवा को राहत दी। अदालत ने विधवा महिला की बैंक ऋण आसान शर्तों पर चुकाने की अनुमति दी। महिला के पति की कोविड-19 की दूसरी लहर में मौत हो गई थी। उस पर करीब 50 लाख का लोन था। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने सुमैया परवीन द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिकाएं स्वीकार कर ली, जिन्होंने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उनके मृत पति द्वारा लिए गए ऋण के संबंध में समाप्त हो चुके एकमुश्त निपटान प्रस्ताव को फिर से शुरू करने से इनकार कर था। मामले की 'असामान्य और दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों' को देखते हुए, मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा कि वह यह आदेश संविधान के अनुच्छेद...