लखनऊ, जनवरी 16 -- विद्युत संशोधन बिल के ड्राफ्ट पर शुक्रवार को केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा की। मंत्रालय को सिलसिलेवार आपत्तियां दर्ज करवाई गईं। मंत्रालय से बिजली कंपनियों का वितरण नेटवर्क निजी कंपनियों के साथ साझा करने के प्रस्ताव पर विरोध दर्ज करवाया गया। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और केंद्रीय सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि अगर निजी कपंनियों को नेटवर्क साझा करने की व्यवस्था दी गई तो निजी कंपनियां बिना अपनी पूंजी लगाए धंधा करेंगी। इससे वे सस्ती दरों पर बिजली दे सकेंगी जबकि पूंजी लागत की वजह से सरकार कंपनियों की बिजली महंगी हो जाएगी। यह निजीकरण को बढ़ावा देने वाला होगा। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें साझेदारी का अवसर दिया जाता है तो पहले निजी कंपनियों को कम से कम चार लाख करोड़ रुपये के निवेश के ...