आगरा, जून 30 -- विद्युत चोरी के 12 साल पुराने मामले में विद्युत विभाग ने लापरवाही बरती। विभाग बरामद केबल और चेकिंग रिपोर्ट को पेश नहीं कर सका। अदालत ने आरोपित नेमीचंद निवासी इरादतनगर को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दिए। वहीं, आरोपित की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता भारत सिंह ने तर्क प्रस्तुत किए। अवर अभियंता विद्युत विभाग अंकुर गर्ग ने थाना इरादतनगर में तहरीर दी थी। बताया था कि दो अप्रैल 2012 को विद्युत चेकिंग के दौरान ग्राम छक की गढ़ी में आरोपित अवैध रूप से कटिया डाल विद्युत उपभोग कर रहा था। बिल बकाया होने पर उसका कनेक्शन काट दिया गया था। आरोपित के खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा के तहत मुकदमा दर्ज हुआ।
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