मैनपुरी, दिसम्बर 30 -- संगीत सिर्फ विद्या नहीं है बल्कि वह एक जीवनशैली है। संगीत लोगों को मार्ग दिखाता है। जीवन के उस दर्शन से परिचय कराता है जिसके सहारे लोग अपना जीवन सुखमय बना लेते हैं। वर्तमान में मार्ग दिखाने वाला मार्गी संगीत जितना लोकप्रिय है उससे कहीं अधिक लोकप्रिय देशी संगीत हो गया है। लोग संगीत की बारीकियां समझने से पहले ही संगीतकार या गीतकार बनना चाहते हैं। लेकिन वे बारीकियों के बिना आगे नहीं बढ़ पाते। बात अकबर के काल की हो या फिर वर्तमान क्लासिकल संगीत की। हर दौर में गीत और संगीत ने खुशियां दी हैं। शहर के चित्रगुप्त डिग्री कॉलेज में संगीत के प्रोफेसर डा. प्रेमचंद्र कुशवाह युवाओं में संगीत के ज्ञान के कम होते रुख से चिंतित हैं। जिस कॉलेज में वह संगीत पढ़ाने जाते हैं उस कॉलेज में अन्य विषयों के तरह संगीत के प्रति रुचि अत्यधिक कम ...
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