बिजनौर, जून 30 -- सरकारी विद्यालय मर्ज के विरोध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का एक प्रतिनिधि मंडल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिला और विद्यालयों को मर्ज न करने के लिए एक ज्ञापन सौंपा। सोमवार को संघ के जिला अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों के मर्ज करने में आरटीई एक्ट और एनसीएफ 2009 का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यदि किसी गांव में कोई सरकारी विद्यालय बंद होता है तो उसका सीधा प्रभाव उन गांव में पढ़ने वाले गरीब मजदूर के बच्चों पर पड़ेगा। जिससे शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत बच्चे शिक्षा से वंचित होंगे। जिला उपाध्यक्ष जयदीप मलिक ने बताया कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो संघ जल्दी ही एक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगा। ज्ञापन देने वालों में रूपेश राजपूत,अरुण उपाध्याय,गौरव चौधरी, रितेश भटनागर, सुमित बंसल,रूप...
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