मधुबनी, दिसम्बर 4 -- प्रखंड के महुआ गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में बाउंड्रीवाल नहीं है। सड़क के किनारे स्थित इस स्कूल के बच्चे खतरनाक स्थिति में पढ़ाई करने को विवश हैं। विद्यालय में वर्षों से बाउंड्रीवाल नहीं होने के कारण परिसर में खेल रहे बच्चे स्वयं को असुरक्षित महसूस करते हैं। दुर्घटना होने की स्थिति उत्पन्न होती रहती है। विदित हो कि प्रखंड के लगभग 80 प्राथमिक व मध्य विद्यालय ऐसे हैं, जहां बाउंड्रीवाल नहीं हैं। विद्यालयों में चहारदीवारी का न होना बड़े हादसे को आमंत्रित करता है। इन विद्यालयों में अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी कमी है, जो पूरी नहीं हो पा रही है। विभिन्न गांवों के प्राइमरी तथा मिडिल स्कूल सड़क के किनारे हैं। जहां स्कूलों में चहारदीवारी नहीं है। किसान सुरेश यादव, कैलाश गिरी, रामदुलार कामत, चंद्रवीर कामत आदि ने बताया कि महुआ गांव...