सिद्धार्थ, अप्रैल 10 -- सिद्धार्थनगर, हिटी। विद्यार्थियों में रचनात्मक प्रवृत्ति का विकास करना ही शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से विद्यार्थी और शिक्षण संस्थान दोनों के उन्नति का मार्गदर्शन होगा। पाठ्य पुस्तकों के साथ-साथ विविध प्रकार के शिक्षणेत्तर गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का प्रमुख आधार स्तंभ साबित हो रहा है। ये बातें सिद्धार्थ विवि कपिलवस्तु की कुलपति प्रो. कविता शाह ने कही। वह बुधवार को विवि के सभागार में कुलपति-छात्र संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों में ज्ञान के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ कौशल युक्त क्षमता उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग निर्धारित करती है। वर्तमान समय में पर्यावरण विज्ञान की महत्ता निरंतर बढ़ती जा रही है, इस दृष्टि से विश्वव...
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