मोतिहारी, मार्च 12 -- हर में रहकर अपनी पढ़ाई करनेवाले विद्यार्थियों को कई चुनौतियों का सामना करना होता है। शहर में कॉलेज से लेकर छात्रावास या लॉज तक सुविधाओं का घोर अभाव है। कॉलेज के पास अपना छात्रावास व आधुनिक सुविधाओं से लैस लाइब्रेरी नहीं है। कॉलेज व प्लस टू विद्यालयों में एक काम के लिए कई बार बुलाया जाता है। मुहल्लों की गलियों में नाले का पानी सड़क पर बहता है। सड़क व चौक-चौराहों पर आवारा पशुओं का खौफ रहता है। खासकर चांदमारी मुहल्ले की शायद ही ऐसी कोई गली हो जहां कोचिंग संस्थान नहीं है। यहां सभी कक्षाओं के लिए अलग-अलग विषय के शिक्षक व कोचिंग संस्थान हैं। मगर, बुनियादी सुविधाओं की कमी है। विद्यार्थियों को पानी, बिजली, शौचालय, छात्रावास, लाइब्रेरी, पार्क व खेलकूद के लिए मैदान जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसना पड़ता है। स्कूल-कॉलेज का छात्र...
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