नई दिल्ली, अप्रैल 30 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई कर दिल्ली लौटे मेडिकल छात्रों के लिए राहत की खबर है। अब वे स्टाइपेंड (वजीफा) न लेकर दिल्ली नगर निगम की अनिवार्य कम्युनिटी सर्विस पोस्टिंग में इंटर्नशिप कर सकेंगे। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है कि यदि विदेशी चिकित्सा स्नातक छात्र स्टाइपेंड छोड़ने को तैयार हैं, तो उन्हें इंटर्नशिप करने से रोका नहीं जाए। दरअसल, भारत में डॉक्टर बनने के लिए विदेशी डिग्रीधारी छात्रों को फौरन मेडिकल ग्रेजुएट (एफएमजी) परीक्षा पास करने के बाद एक साल की अनिवार्य इंटर्नशिप करनी होती है। दिल्ली में इस इंटर्नशिप में इन्हें 84 दिनों की कम्युनिटी सर्विस पोस्टिंग का मौका मिलता है, लेकिन दिल्ली नगर निगम में बजट की दिक्कत की वजह से छह महीने से छात्रों को स्ट...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.