वाराणसी, जनवरी 16 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। आईआईटी बीएचयू ने वित्तीय प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। संस्थान ने वित्तीय अधिकारों का पुनर्गठन करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि किस स्तर का अधिकारी कितनी राशि तक के व्यय को स्वीकृति दे सकेगा। नई व्यवस्था के तहत किसी भी प्रकार का व्यय सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति के बाद ही किया जा सकेगा और सभी खर्च संस्थान द्वारा स्वीकृत बजट सीमा के भीतर होंगे। निदेशक को संस्थान का सर्वोच्च वित्तीय प्राधिकारी घोषित करते हुए पूर्ण अधिकार प्रदान किए गए हैं। निदेशक को बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से अनुमोदित बजट के अंतर्गत फंड के आवंटन, पुनर्विनियोजन और बड़े वित्तीय निर्णय लेने की शक्ति दी गई है। वहीं, रजिस्ट्रार को वेतन भुगतान, बिल पास करने, अग्रिम राशि, यात्रा व्यय...
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