मधुबनी, नवम्बर 30 -- मधुबनी, निज संवाददाता। पटना उच्च न्यायालय में जिले के वित्तरहित इंटरमीडिएट कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मियों को वेतन व पेंशन दिलाने की लड़ाई को बड़ी मजबूती मिली है। जिला संयोजक प्रो. अमरेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में दायर सीडब्ल्यूजेस पर 21 नवंबर को हुई सुनवाई में सीनियर एडवोकेट बीएन ठाकुर ने शिक्षकों के मानवीय संकट को गंभीरता से रखा। उन्होंने बताया कि वर्षों तक सेवा देने के बाद भी वेतन-पेंशन न मिलने से कई शिक्षकों की आर्थिक तंगी और इलाज के अभाव में असमय मौत तक हो चुकी है। गवर्नमेंट एडवोकेट द्वारा वित्तीय अभाव का तर्क देने पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई और पूछा कि जब लाखों शिक्षकों की नियुक्ति व भुगतान संभव है तो वित्तरहित इंटर कॉलेजों को वेतन-पेंशन क्यों नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने सरकार को न्यूनतम पांच वर्ष का बकाया वेतन प्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.