फतेहपुर, फरवरी 14 -- फतेहपुर। पंचायतों के विकास में अहम मनरेगा योजना ही घोटाला का हथकंडा बना है। करोड़ों के गबन की शिकायत पर लोकपाल द्वारा जांच में काम हीं नहीं पाए गए। अपात्रों को व्यक्तिगत लाभ, फर्जी दस्तावेजों से कराए भुगतान की वसूली के साथ संबंधितों के खिलाफ केस दर्ज कराने के आदेश जारी कर दिया। बताते है कि 18 कार्यो में अधिकारियों जिम्मेदारों के हस्ताक्षर तक नहीं पाए गए। विजयीपुर ब्लॉक के विजयीपुर पंचायत में शिवपुर, पलवाहार, रसौली, निहालपुर और एकौरा मजरे हैं। एकौरा के शिवेन्द्र उर्फ विक्रम प्रताप सिंह ने अक्टूबर माह में डीएम और मुख्यमंत्री से घोटाला की जांच की मांग रखी थी। आरोप था कि विभिन्न कार्यो में फर्जी तरीके से करीब दो करोड़ का भुगतान करा लिया गया। जहां तालाब तक नाला खुदाई, नाली खुदाई, मिट्टी पुराई, बन्धी निर्माण जैसे अनेकों कार...