फतेहपुर, फरवरी 19 -- सरकंडी घोटाला के बाद से पंचायतों में रकम गबन की खुलती परतों में विजयीपुर का नाम भी उजागर हुआ। अनियमितताओं में रिकवरी और मुकदमा के आदेशों पर प्रधान पक्ष ने लोकपाल की जांच पर सवाल खड़े कर दिए। मनरेगा की गलत जांच और फर्जी रिपोर्ट तैयार करने के आरोप लगाए। डीएम से शिकायत करते हुए दूसरी टीम से निष्पक्ष जांच की मांग रखी है। विजयीपुर ब्लॉक की विजयीपुर पंचायत की महिला प्रधान श्यामकली ने डाक द्वारा डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि मनरेगा लोकपाल के द्वारा पूर्व में हुई जांच पूरी तरह गलत है। बताया कि ग्रामसभा में काम होने के बाद भी जांच रिपोर्ट में कार्य शून्य दिखाकर रिकवरी और मुकदमा दर्ज कराने का आदेश जारी किया जा चुका है। डीसी मनरेगा के कहने पर 150 लाभार्थियों के हलफनामे लोकपाल को सौंपा गया था। पंचायत कर्मियों के द्वारा पत...