संतकबीरनगर, फरवरी 4 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। मेंहदावल ब्लाक का नन्दौर गांव लंबे समय से उपेक्षा का दंश झेल रहा है। विकास को लेकर समय-समय पर किए गए दावे गांव की हकीकत से कोसों दूर नजर आ रहे हैं। आज भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझने को मजबूर हैं। गांव की पहचान अब स्वच्छता, सड़क और जलनिकासी व्यवस्था से नहीं, बल्कि कूड़े के ढेर, बजबजाती नालियां और गंदगी से भरी गलियों से हो चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्याओं से जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। लंबे समय से उपेक्षा के चलते ग्रामवासियों में भारी आक्रोश है। नन्दौर गांव में घुसते ही बदहाली की तस्वीर साफ नजर आने लगती है। टूटी सड़क से गांव के अंदर की गलियों में प्रवेश करते ही सड़क पर पसरा नाली का गंदा नजर आता है। गांव की...