गिरडीह, फरवरी 8 -- पीरटांड़, प्रतिनिधि। सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति व सुदूरवर्ती गांवों में बढ़ते विकास की गति के कारण भाकपा माओवादी संगठन का मजबूत किला पारसनाथ में नक्सलियों का अंत हो गया है। पारसनाथ की तराई में बसे नक्सलग्रस्त गांव में अब विकास के रास्ते नक्सलवाद का खात्मा हो रहा है। सुदूरवर्ती गांव की चकाचक सड़कें विकास को रफ्तार दे रही है। यही वजह भी है कि नक्सलविरोधी अभियान में पुलिस को लगातार सफलता मिल रही है। बताया जाता है कि पारसनाथ पहाड़ से सटे गांव में पहले न तो सड़क थी और न ही प्रशासन की पहुंच। गांव की ऊबड़-खाबड़ व पथरीली सड़क न केवल ग्रामीणों के लिए परेशानी थी बल्कि प्रशासन के लिए भी राह आसान नहीं थी। तीन दशक पहले विकास के मायने में पिछड़ा क्षेत्र पीरटांड़ में नक्सलियों ने मजबूत पकड़ बनाई थी। पारसनाथ की तराई गांव की भोगौलिक बनावट व घनघोर जंग...