रिषिकेष, मई 3 -- एम्स ऋषिकेश के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के तत्वावधान में शनिवार को एलर्जिक ब्रोंकोपल्मोनरी एस्परगिलोसिस (एबीपीए) और क्रॉनिक पल्मोनरी एस्परगिलोसिस (सीपीए) विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें चिकित्सा विशेषज्ञों ने गहन चर्चा की। कार्यशाला में एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि एलर्जिक ब्रोंकोपल्मोनरी एस्परगिलोसिसि और क्रॉनिक पल्मोनरी एस्परगिलोसिस का अक्सर गलत निदान किया जाता है। चिकित्सकों में जागरूकता बढ़ाने से इन विकारों का निदान सही तरीके से हो सकता है। ऐसा करने से रुग्णता और मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. रितेश अग्रवाल ने एबीपीए का उपचार और निदान के संबंध में व्याख्यान दिया। पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के पल्मोनरी मेडिसिन विभ...
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