उन्नाव, फरवरी 6 -- नवाबगंज, संवाददाता। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में चार दिवसीय इंटरनेशनल समिट 1.0 ऑन इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन- द ग्लोबल ट्रेंड का शुभारंभ हुआ। समिट में देश-विदेश के कानून विशेषज्ञ, शिक्षाविद और बड़ी संख्या में विधि छात्र शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक विवादों के समाधान में मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) की बढ़ती भूमिका और वैश्विक रुझानों पर गहन चर्चा करना है। मुख्य अतिथि डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी लखनऊ के कुलपति प्रो. डॉ. अमर पाल सिंह ने आर्बिट्रेशन को वैश्विक व्यापारिक परिवेश में एक प्रभावी, तटस्थ और त्वरित समाधान प्रणाली बताया। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मजबूत और प्रभावी आर्बिट्रेशन सिस्टम अनिवार्य है। भारत की भागीदारी अभी सीमित है, लेकिन सिंगापुर और हांगकांग की तर...
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