कौशाम्बी, अक्टूबर 5 -- गौसे आजम उर्फ बड़े पीर दस्तगीर की यौमे पैदाइश चायल इलाके में अकीदत से मनाई गई। ग्यारहवीं शरीफ के नाम से मशहूर इस त्योहार के मौके पर कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। शनिवार सुबह से शाम तक घरों में गौस पाक की नज्र ओ नियाज का सिलसिला चलता रहा। इस मौके पर कई मस्जिदों में गौस पाक के नाम से महफिल सजाई गई। जिसमें सरकार गौस पाक की सीरत और अजमत बयान की गई। आलिमों ने गौसे आजम की ज़िंदगी पर रोशनी डाली और उनके बताए हुए रास्ते पर चलने की अपील की। शनिवार को जिलेभर में ग्यारहवीं शरीफ पर जगह-जगह गौस पाक की नज्र ओ नियाज दिलाई गई। मनौरी गांव में एहसान बाबू उर्फ नब्बन के घर के बाहर शनिवार रात मजलिस का आयोजन किया गया। तिलावत ए कुरआन से महफिल की शुरुआत हुई। मौलाना जफर अकील ने हजरत गौस-उल-आजम की खूबियों और फजीलत का बयान करते हुए कहा कि...
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