बगहा, अक्टूबर 25 -- बगहा/वाल्मीकिनगर। चार दिवसीय आस्था का महापर्व की शुरुआत आज से हो रही है। रविवार को रसियाव रोटी व रविवार की देर रात व सोमवार की अहले सुबह महाप्रसाद का निर्माण किया जाएगा। महाप्रसाद के निर्माण को लेकर गेंहू को धोकर सुखाने का काम शुरु कर दिया गया है। शुद्धता बनी रहे इसको लेकर साफ-सफाई का पुरा ख्याल रखा जा रहा है। महाप्रसाद के लिए गेंहू सुखाने का काम हो रहा है इसके साथ ही इस बात का भी यह ख्याल रखा जा रहा है कि कोई पक्षी भी उसको जुठा न कर दें। पहला दिन नहाय खाय के बाद दूसरे दिन खरना जिसे रसियाव रोटी कहते है। तीसरे दिन अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। और अंतिम दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ व्रत की समाप्ति हो जाती है।व्रतियों द्वारा त्रिवेणी की संगम तट पर काली घाट,लवकुश घट समेत कई जगहों पर शुक्रवार की...
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