सहारनपुर, फरवरी 19 -- महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय वार्षिक कार्यक्रम गुरुवार को संपन्न हुआ। इस दौरान वैदिक यज्ञ हुआ और यज्ञ की महत्ता को बताया गया। आर्य समाज स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में वैदिक यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य शिवकुमार एवं यजमान डा. सुरेंद्र आर्य एवं डा. ऊषा आर्य मौजूद रहे। इस दौरान डा. सुरेंद्र आर्य ने कहा कि यज्ञ कुंड में आहूति देने से उठने वाला धुआं औषधीय गुणों से परिपूर्ण होता है। यज्ञ के माध्यम से प्रकृति की शक्तियों (अग्नि, वायु व जल) का संतुलन बना रहता है। कहा कि इससे पर्यावरण भी शुद्ध होता है। वेदों के अनुसार यज्ञ देवताओं को प्रसन्न करने का माध्यम है। इससे वर्षा, धन, सौभाग्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है। इस दौरान जनेश्वर प्रसाद ने महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन कार्यों पर प्...