जयपुर, अक्टूबर 6 -- जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल में रविवार देर रात लगी आग ने 8 मरीजों की जान ले ली। मौतें सिर्फ आग से नहीं हुईं, बल्कि उस लापरवाही से हुईं जिसने आग को राक्षस बना दिया। यह आग अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो आईसीयू में लगी थी, जहां जिंदगी बचाने वाली मशीनें खुद मौत का कारण बन गईं। जांच में सामने आया है कि हादसा महज एक तकनीकी गलती नहीं थी, बल्कि तीन बड़ी लापरवाहियों की परिणति थी। 1. स्मॉक डिटेक्टर ने धोखा दिया सबसे पहले तो अलार्म सिस्टम ने भरोसा तोड़ा। स्टोर रूम में लगे स्मॉक डिटेक्टर ने धुआं पकड़ने में देर कर दी। सूत्रों का कहना है कि आग लगने के बाद भी अलार्म समय पर एक्टिवेट नहीं हुआ। जब तक अलार्म बजा, तब तक आग ने आईसीयू के हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया था। धुआं धीरे-धीरे मरीजों के कमरे तक पहुंच गया, और जिन मशीनो...
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