नई दिल्ली, अगस्त 4 -- वाराणसी में गंगा नदी रौद्र रूप ले लिया है। पक्के घाटों और तटवर्ती कईं मंदिरों को आगोश में लेने के बाद रिहाइशी इलाकों की ओर बढ़ चलीं गंगा अब सड़कों पर लहराने लगी हैं। जिला प्रशासन की आंकड़े के मुताबिक, शहर के 24 मोहल्ले और 44 से अधिक गांव बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गए हैं। जिससे एक लाख से अधिक की आबादी प्रभावित है। शवों के अंतिम संस्कार के लिए हरिश्चंद्र घाट पर स्थान शेष नहीं रहा। मणिकर्णिका घाट पर भी नावों से शवों को श्मशान घाट की छत पर पहुंचाया जा रहा है। सैकड़ों हेक्टेयर फसलें जलमग्न हो गई हैं। जलस्तर रविवार को खतरा के निशान (71.26 मीटर) से 63 सेंटीमीटर ऊपर था। अस्सी घाट, शीतला घाट पर सड़कों पर पानी पहुंच गया है। रामनगर दुर्ग में भी पानी घुस गया है। असि और वरुणा नदियों के जरिए पानी घुसने से तटवर्ती दो दर्जन से अधिक ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.