वाराणसी, अगस्त 27 -- वाराणसी और प्रयागराज में एक बार फिर गंगा विकराल रूप धारण कर चुकी हैं। वाराणसी में बुधवार की सुबह गंगा ने चेतावनी बिंदु को पार कर लिया और खतरे के निशान की ओर बढ़ चली हैं। इससे अब बड़ी आबादी के जनजीवन पर असर पड़ रहा है। गंगा का पानी घाटों से गलियों की ओर आ गया है। श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। मणिकर्णिका घाट पर शवों को नावों से लेकर जाना पड़ रहा है। घाट के पास अंत्येष्टि स्थल डूब जाने से यहां बने प्लेटफॉर्म पर ही अंतिम संस्कार का विकल्प बचा है। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू होने में पहले तीन से चार घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, हरिश्चंद्र घाट पर गली में अंतिम संस्कार हो रहा है। गली में एक समय में अधिकतम तीन चिता ही लग पा रही है। ऐसे में यहां भी इंतजार करना मजबूरी बनी हुई ...
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