प्रयागराज, जनवरी 10 -- प्रयागराज। संतों ने अखाड़ों को गृहकर और जलकर से मुक्त करने की मांग रखी है। कहा है कि वाराणसी में ऐसा नियम लागू कर दिया गया है। एक ही राज्य में अलग-अलग नियम क्यों? क्या जब यहां भी संत धरना देंगे तभी मांग पूरी की जाएगी? संतों ने कहा कि अखाड़ों को किराए से आय प्राप्त होती है, किराएदार बहुत पुराने हैं। किराएदार पांच सौ और हजार रुपये किराया देते हैं, जबकि गृहकर इससे कहीं अधिक आता है।
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