मुजफ्फरपुर, नवम्बर 22 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश पीयूष प्रभाकर ने मेंटेनेंस संबंधित एक केस में डिस्ट्रेस वारंट का तामिला नहीं कराने पर सदर थानाध्यक्ष पर 10 हजार रुपये के जुर्माने का आदेश दिया है। सदर थाना इलाके की महिला ने 2016 में अपने पति के खिलाफ भरण-पोषण का केस दायर किया था। कोर्ट ने 10 अगस्त 2018 को पति को प्रतिमाह 10 हजार रुपये पत्नी को देने का आदेश दिया था। जुलाई 2016 से फरवरी 2019 तक के बकाया भरण पोषण के लिए 3.20 लाख एक मुश्त देने के लिए कहा था। महिला का पति मुंबई की एक कंपनी में कार्यरत है, लेकिन उसने कोर्ट के आदेश के अनुसार पत्नी को राशि नहीं दी। बकाए की वसूली के लिए कोर्ट ने सदर थानाध्यक्ष को महिला के पति के नाम पर डिस्ट्रेस वारंट तामील कराने का आदेश दिया था। थानाध्यक्ष ने आदेश का पा...
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