लखनऊ, मई 23 -- वायु प्रदूषण टीबी, निमोनिया, सीओपीडी और फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारियों का बड़ा कारण है। वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है, जो बच्चों में कुपोषण, बौनापन, मोटापा के साथ-साथ गर्भावस्था के दौरान भ्रूण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इससे इन्ट्रायूटेराइन ग्रोथ रिटार्डेशन और नवजात शिशुओं में संक्रमण व जन्मजात बीमारियों का खतरा बढ़ता है। यह जानकारी केजीएमयू रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने दी। वह शुक्रवार को लंग केयर फाउंडेशन और डॉक्टर्स फॉर क्लीन एयर एंड क्लाइमेट एक्शन की ओर से केके हॉस्पिटल, कॉलेज ऑफ नर्सिंग में वायु प्रदूषण पर जागरूकता कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। डॉ. सूर्यकांत ने स्वास्थ्यकर्मियों को सलाह दी कि वे मरीजों से बातचीत के दौरान घरेलू प्रदूषण स्रोतों के बारे में पूछें। इसमें लकड़ी और कोयले का उ...
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