वाराणसी, नवम्बर 24 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। विश्व रोगाणुरोधी जागरूकता सप्ताह के तहत आईएमएस बीएचयू की अवेयरनेस टीम ने एक सप्ताह तक विभिन्न क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान विशेषज्ञों ने एंटीबायोटिक के बढ़ते दुरुपयोग और उससे पैदा हो रहे खतरों के प्रति लोगों को जागरूक किया। मेडिसिन विभाग की प्रो. जया चक्रवर्ती ने बताया कि एंटीबायोटिक दवाओं का कोर्स बीच में छोड़ने से यह शरीर पर बेअसर होने लगती हैं, इसलिए इसे हमेशा कोर्स पूरा करना चाहिए। एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस (एएमआर) के बढ़ते खतरे पर उन्होंने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि सर्दी, खांसी और बुखार आमतौर पर वायरल होते हैं, जिनमें एंटीबायोटिक की आवश्यकता नहीं होती। हर बुखार टायफाइड नहीं होता। उन्होंने सलाह दी कि एंटीमाइक्रोबियल दवाएं केवल डॉक्टर की सलाह पर ही लें और पशु चिक...
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