प्रयागराज, फरवरी 15 -- महाशिवरात्रि पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से रविवार को विभिन्न नगरों में अखिल भारतीय घोष दिवस मनाया गया। इस अवसर पर गणवेश में सुसज्जित स्वयंसेवकों ने विभिन्न वाद्य यंत्रों की सामूहिक प्रस्तुति कर एकता और अनुशासन का प्रदर्शन किया। झूंसी के गंगोली शिवाला परिसर में सह प्रांत कार्यवाह प्रो. राज बिहारी ने कहा कि आनक, शंख जैसे भारतीय वाद्य यंत्र संस्कृति की श्रेष्ठता का भाव भरते हैं। संघ के वाद्य यंत्रों को संस्कृत के नाम जैसे प्रणव, आनक, वेणु, झल्लरी, त्रिभुज, शंख, घोष दंड आदि दिया गया ताकि संपूर्ण भारत में इन सबको एक नाम से जाना जा सके। एक अन्य कार्यक्रम में युगल किशोर मिश्र ने बताया कि संघ के कार्यक्रमों में आकर्षण बढ़ाने के अभियान से प्रारंभ हुए घोष के बिना आज संघ का पथ संचलन ही संभव नहीं। कार्यक्रमों में गंगा दत्...
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