मुजफ्फरपुर, अक्टूबर 13 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। बरुराज विधानसभा क्षेत्र की लाइफलाइन कही जाने वाली जिले की एकमात्र मोतीपुर चीनी मिल बंद हुए करीब तीन दशक बीत गए। इसके साथ ही इलाके के किसान की नकद आमदनी का जरिया भी सूख गया। बड़ी संख्या में मजदूर मिल पर आश्रित थे, क्योंकि उन्हें अपने घर के आसपास ही काम मिल जाता था। चीनी मिल खुले तो आसपास के इलाके में फिर से खुशहाली आ सकती है। लेकिन, इसके शुरू होने का हर वादा छलावा ही साबित हुआ। विकासशील किसान गोपाल शशि, रामबाबू सिंह, दारोगा राय, गुड्डू शशि, मिथलेश राय, अजय कुमार समेत अन्य ने बताया चीनी मिल बंद होने के बाद से यहां के किसानों ने तेलहन और दलहन की खेती शुरू कर दी है। हालांकि, यह गन्ना की खेती जैसा लाभप्रद नहीं है। इन किसानों ने बताया कि चीनी मिल बंद होने के कारण इस इलाके से रोजगार छी...
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