नई दिल्ली, फरवरी 16 -- नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ कई लोगों के लिए कभी नहीं भूल सकने वाली दर्दनाक यादें छोड़ गया। इस हादसे में 18 लोगों की जान चली गई। यहां-वहां बिखड़े सामानों में जब एक पिता ने नीले रंग का बैग देखा तो फफक-फफक कर रोने लगा। उनका 12 साल का बेटा इस भगदड़ में गुम हो चुका था। प्लेटफॉर्म नंबर 14 और 15 पर जूते, फटे बैग, बिखरे कपड़े और छोड़े गए खाने के ढेर पड़े थे, जो घटना की भयावह याद दिला रहे थे। रेलवे कर्मचारी रविवार सुबह तक यात्रियों के बिखरे सामानों को इकट्ठा करते रहे। लेकिन, इस त्रासदी ने ऐसे निशान छोड़े हैं जिन्हें आसानी से मिटाया नहीं जा सकता। मलबे को साफ करने वाले एक रेलवे कर्मचारी ने बताया कि उसने जीवन में कभी इतना खराब मंजर नहीं देखा। उसने कहा कि हर जगह सामान बिखरा पड़ा था। बिना जोड़े के चप्पल, आधा खाया हुआ खाना...
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