नागपुर, मार्च 18 -- महाराष्ट्र के नागपुर शहर में सोमवार की शाम को औरंगजेब के नाम पर ऐसा बवाल मचा कि हालात बिगड़ गए। कारों को आग के हवाले कर दिया गया। दुकानें तोड़ी गईं और बलवा ऐसा मचा कि तीन डीसीपी स्तर के अधिकारियों समेत करीब एक दर्जन पुलिस वाले घायल हैं। 6 आम लोगों को भी गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें से एक आईसीयू में एडमिट हैं। इसके बाद से ही सरकार ऐक्टिव है और सुरक्षा बल फ्लैगमार्च कर रहे हैं। फिलहाल शांति है, लेकिन माहौल तनावपूर्ण है। इस घटना के बाद नागपुर का इतिहास बताते हुए कई नेताओं ने कहा कि शहर में ऐसा कभी नहीं होता था। कुछ बाहरी तत्वों के चलते ऐसा हुआ है। महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन प्यारे खान ने भी कहा कि नागपुर तो संतों की धरती है। यहां सभी की आस्था का सम्मान हुआ है और कभी ऐसी घटनाएं नहीं हुईं। यह सही है कि बीते कई दशको...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.