लखनऊ, जनवरी 21 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में बुधवार को छह महत्वपूर्ण संकल्प पारित किए गए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इन्हें पढ़कर सभी पीठासीन अधिकारियों की सहमति हासिल की। पहला संकल्प यह पास हुआ कि सभी पीठासीन अधिकारी अपनी-अपनी विधायिकाओं के कार्य संचालन के प्रति स्वयं को पुनः समर्पित करेंगे, ताकि वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में योगदान दिया जा सके। दूसरा संकल्प यह पास किया गया कि सभी राजनीतिक दलों के बीच सहमति बनाकर राज्य विधायी निकायों की न्यूनतम तीस (30) बैठकें प्रति वर्ष की जाएं तथा विधायी कार्यों के लिए उपलब्ध समय और संसाधनों का रचनात्मक एवं प्रभावी उपयोग किया जाए, ताकि लोकतांत्रिक संस्थाएं जनता के प्रति उत्तरदायी हो सकें। तकनीक के उपयोग को बढ़ाएं तीसरा संकल्प यह ...