एटा, जून 25 -- सीबीएसई बोर्ड की ओर से जारी किए गए आदेश के बाद स्कूल संचालकों ने इस निर्णय को सही बताया। हाईस्कूल की वर्ष में दो बार परीक्षा कराना सही है। बच्चों को तनाव नहीं रहेगा। अगर एक बार में अच्छे अंक नहीं मिल पाते है तो दूसरी बार की परीक्षा में अच्छे अंकों लाकर अपनी मेहनत को दिखा सकते है। इस निर्णय से बच्चों भी सही मान रहे है। वर्ष में दो बार परीक्षा कराने का निर्णय सीबीएसई बोर्ड का सही है। वर्षों को पढ़ाई के साथ-साथ तैयारियां करने का मौका मिलेगा। परीक्षा को लेकर बच्चे बहुत तनाव में रहते हैं। वार्ड ने बच्चों के तनाव मुक्त रहने की व्यवस्था की है। इससे बच्चों को फायदा होगा। वैसे भी नई शिक्षा नीति में बच्चों को रटने के बजाए समझने पर अधिक जोर दिया जा रहा है। राजीव गुप्ता, प्रधानाचार्य सरस्वती विद्या मंदिर एटा सीबीएसई बोर्ड का निर्णय सही...
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