महाराजगंज, जुलाई 14 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार तीन महीने का मानसून रिट्रीट शुरू हो गया है। थाईलैंड सहित विभिन्न देशों के भिक्षु मानसून रिट्रीट के लिए बौद्ध स्थलों पर पहुंचने लगे हैं। तथागत भगवान बुद्ध के समय से चली आ रही इस परंपरा को वर्षावास के नाम से जाना जाता है, जहां भिक्षु कहीं जाते नहीं बल्कि एक ही स्थान या मठ मंदिर में रहकर ध्यान और उपदेश देते हैं। नेपाल, थाईलैंड, म्यांमार और श्रीलंका के 43 भिक्षु कपिलवस्तु के लुम्बिनी, तिलौराकोट और निग्रोधरम तथा पश्चिमी नवलपरासी के रामग्राम में विभिन्न मठों में रह रहे हैं। भिक्षु संघ के पूर्व अध्यक्ष भिक्खू मैत्री महास्थविर ने मंगलपाठ और पूजा-अर्चना के बाद लुम्बिनी स्थित नव मैत्री महाविहार में अपने दो शिष्यों कोलिय विशुद्धि और महानामा के साथ वर्ष...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.