लखीसराय, जनवरी 7 -- लखीसराय, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। अशोक धाम मंदिर के निकट शनिवार से आयोजित 9 दिवसीय शृंगी ऋषि मानस पर आधारित रामकथा के चौथे दिन मंगलवार को मोरारी बापू ने शृंगी ऋषि एवं बाल्यावस्था के भगवान राम के माता कौशल्या से संवाद का वर्णन किया। कथा के आरंभ में मोरारी बापू ने वेद पढ़ने का अधिकार को लेकर विवाद पर बड़ी सहजता व सरलता से चर्चा की। वेद बोलने का अधिकार कुछ लोग को है कुछ लोग को नहीं है ऐसी भी एक बात आई। सही गलत बोलने का अधिकार हमें नहीं है। लेकिन रामकथा सार्वभौम और सार्वजनिक होती है। यहां हम सब कथा में प्रवेश करते ही दीक्षित हो जाते हैं। जब कथा में प्रवेश करने पर हम दीक्षित हो जाते हैं तब कोई भी मंत्र बोलने का हमें अधिकार होता है। बापू के प्रवचन के इस वक्तव्य पर श्रद्धालु व श्रोताओं ने जमकर ताली बजाई। बापू के साथ जय सियाराम ...
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