देहरादून, जून 17 -- देहरादून। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि देहरादून में खलंगा के जंगल में आरक्षित वन क्षेत्र के भीतर 40 बीघा वन भूमि पर अतिक्रमण और निर्माण कार्य ने राज्य की भू-प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार से जुड़ा विषय है। उन्होंने इस मामले में उच्चस्तरीय समय निर्धारित जांच की मांग की है। मीडिया को जारी बयान में मंगलवार को आर्य ने कहा कि नालापानी क्षेत्र के इस जंगल पर भूमाफिया की गिद्ध दृष्टि टिकी हुई है, जो यहां पर कैंपिंग और रिजॉर्ट बनाने की तैयारी में लगे हुए हैं। आश्चर्यजनक यह है कि रिजर्व फॉरेस्ट के भीतर इस जमीन को अपना बता कर एक व्यक्ति ने दूसरे को लीज पर दे दिया। आर्य ने कहा कि अगर यहां कैंप या रिजॉर्ट बनता है तो करीब पांच हजार साल के पेड़ों के अस्तित्व पर संकट छा जा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.