नई दिल्ली, मई 15 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि हैदराबाद विश्वविद्यालय के बगल में पेड़ों की कटाई प्रथम दृष्टया 'पूर्व नियोजित' प्रतीत होती है। कोर्ट ने तेलंगाना सरकार से कहा कि वन क्षेत्र को बहाल किया जाए अन्यथा उसके अधिकारी जेल जाने को तैयार रहें। देश के नए मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि यह राज्य पर निर्भर है कि वह वन क्षेत्र को बहाल करना चाहता है या अपने अधिकारियों को जेल भेजना चाहता है। पीठ ने सवाल किया कि जब अदालतें उपलब्ध नहीं थीं तो लंबे सप्ताहांत का लाभ उठाकर पेड़ों की कटाई क्यों की गई? CJI गवई ने कहा, ''प्रथम दृष्टया, ऐसा प्रतीत होता है कि यह सब पूर्व नियोजित था। तीन दिन की छुट्टियां आ रही थीं और आपने इसका लाभ उठाया क्योंकि अदालतें उपलब्ध नहीं होतीं।'' कांचा गाचीबोवली वन...
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