टिहरी, जून 28 -- वनों में आग का बड़ा कारण बने पिरुल के निस्तारण व व्यवसायिक उपयोग के लिए वन विभाग की नई टिहरी रेंज के तहत स्थापित पिरुल संग्रहण केंद्र में 7 हजार कुंतल पिरुल का संग्रहण स्वयं सहायता समूहों की मदद से किया गया है। जिसमें से 60 कुंतल पिरुल अब तक ब्रीकेट (कोयला) बनाने के लिए रिंगालगढ़ में स्थापित मशीन के लिए भेजा गया है। नई टिहरी रेंज के वनाधिकारी आशीष डिमरी ने बताया कि लगातार बारिश के कारण वनों में भले इस बार वनाग्नि की घटनायें टिहरी डिवीजन में न के बराबर रही है। लेकिन इसके बाद भी वन महकमे के आलाधिकारियों व शासन के निर्देशानुसार वनों में आग के बड़े कारण पिरुल के निस्तारण के लिए लगातार कार्यवाही जारी रखी गई है। जिसके तहत नई टिहरी रेंज के तहत स्थापित पिरुल संग्रहण केंद्र में अब तक इस बार 7 हजार कुंतल का पिरुल एकत्र किया गया है।...
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