नई दिल्ली, नवम्बर 3 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में प्रतिपूरक वनरोपण के लिए वन विभाग को 18 भूखंड आवंटित करने की दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की योजना को मंजूरी दे दी। कोर्ट ने कहा कि इससे शहर को फायदा होगा, जहां प्रदूषण की गंभीर समस्या है, खासकर सर्दियों के मौसम में। जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने डीडीए को इन भूखंडों में 1.67 लाख से अधिक पेड़ लगाने के लिए वन विभाग को लगभग 46 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि एक अधिसूचना जारी की जानी चाहिए जिसमें कहा जाए कि भूमि उपयोग में कोई बदलाव नहीं होगा और इसका उपयोग केवल वानिकी उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। शीर्ष अदालत ने डीडीए को निर्देश दिया कि वह इन सभी 18 स्थलों पर पेड़ों की सुरक्षा और रखरखाव सुनिश्चित करने के ...
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