महाराजगंज, नवम्बर 3 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। महाराजगंज महोत्सव में वनटांगिया जीवन पर नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। महाराजगंज नाट्य मंच द्वारा मंचित नाटक वनटांगिया ने जंगलों में अपना जीवन बसाने वाले वनटांगिया समुदाय के संघर्ष, परिवर्तन और विकास की पूरी कहानी को सजीव कर दिया। दर्शकों ने हर दृश्य पर बार-बार तालियां बजाईं और अंत में खड़े होकर कलाकारों का अभिवादन किया। नाटक की कहानी वर्ष 1942 से आरंभ होती है, जब गोरखपुर के ब्रिटिश कलेक्टर कार्यालय में वनवासी समाज की पुकार गूंजती है। इसके बाद कथा महाराजगंज के जिला बनने तक आगे बढ़ती है। बदलते समय के साथ वनग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने, स्कूल और सड़कों के निर्माण से जीवन में आए बदलाव को संवादों और अभिनय के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से चित्रित किया गया। कलक्टर की भूम...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.