नई दिल्ली, अप्रैल 5 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता आप विधायक अमानतुल्लाह खान और गैर सरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (एपीसीआर) ने भी शनिवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इन याचिकाओं में कहा गया है कि वक्फ संशोधन विधेयक 2025 न सिर्फ संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21, 25, 26, 29, 30 और 300-ए के तहत मिले मौलिक अधिकारों का सीधे तौर पर उल्लंघन करता है बल्कि देश के लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष ढांचे की आधारशिला रखने वाले प्रस्तावना मूल्यों का भी उल्लंघन करता है। याचिकाओं में कहा गयरा है कि वक्फ कानून में संशोधन द्वारा किए गए बदलाव न केवल गैर जरूरी है बल्कि मुस्लिम समुदाय के धार्मिक मामलों में एक खतरनाक हस्तक्षेप होने के साथ ही वक्फ के मूल उद्देश्य को...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.