नई दिल्ली, मई 20 -- वक्फ संशोधन अधिनियम को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज से फिर सुनवाई शुरू हुई है। इस मामले की सुनवाई पूर्व चीफ जस्टिस संजीव खन्ना कर रहे थे, जिन्होंने अपने रिटायरमेंट से पहले मौजूदा सीजेआई बीआर गवई की बेंच को केस सौंप दिया। याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखते हुए सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार इस ऐक्ट के माध्यम से वक्फ की संपत्तियां ही कब्जा कराना चाहती है। उन्होंने कहा कि वक्फ का अर्थ अल्लाह के लिए समर्पण से है। यदि कोई वक्फ में अपनी संपत्ति देता है तो वह एक तरह से अल्लाह के लिए दान है और उसका इस्तेमाल नहीं बदला जा सकता। वक्फ की संपत्ति को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। एक बार जो संपत्ति वक्फ रहती है, वह हमेशा वक्फ ही कहलाती है। उसमें बदलाव संभव नहीं है। कपिल सिब्बल ने वक्फ ऐक्ट को गलत ठहराते हुए कहा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.