नई दिल्ली, सितम्बर 13 -- सुप्रीम कोर्ट वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 पर रोक लगाने की मांग वाली कई याचिकाओं पर अंतरिम राहत के मुद्दे पर 15 सितंबर को अपना आदेश सुनाएगा। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टाइन जॉर्ज मसीह की पीठ ने 22 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। वक्फ अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई थीं। सुनवाई के दौरान, केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गैर-मुसलमानों को वक्फ बनाने से रोकने वाले प्रावधान के बारे में दलील दी थी। दूसरी ओर इस अधिनियम को चुनौती देने वाली कई याचिकाएं दायर की गईं थीं। याचिकाओं में तर्क दिया गया कि यह मुस्लिम समुदाय के प्रति भेदभावपूर्ण है और उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।
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