नई दिल्ली, जनवरी 15 -- सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गुरुवार को कहा कि वकीलों को सार्वजनिक मंच पर उन मामलों पर चर्चा नहीं करनी चाहिए जिनमें वे पेश हो रहे हैं, और आगाह किया कि इससे उनके बारे में तरह-तरह के विमर्श गढ़े जा सकते हैं। उनकी यह टिप्पणी वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल को लेकर की, जो एक यूट्यूब चैनल चलाते हैं और अक्सर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और अन्य कानूनी मुद्दों पर चर्चा और पॉडकास्ट करते हैं। मेहता ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश को भी एक सर्कुलर जारी करना चाहिए। मुकदमों में पेश होने वाले वकीलों को प्रेस वार्ता जैसे सार्वजनिक मंच पर उन पर चर्चा नहीं करनी चाहिए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सिब्बल ने कहा कि ईडी अधिकारियों के लिए भी एक परिपत्र जारी किया जाना चाहिए ताकि वे अपनी पसंद के पत्रकारों को जानकारी लीक न करें। उन्होंने कहा कि सॉलिसिटर ज...