नई दिल्ली, नवम्बर 17 -- नई दिल्ली, प्र.सं.। वंदे मातरम् भारत की राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक गौरव और देशभक्ति के उत्कर्ष का प्रतीक है। यह एक कालजयी कृति है, जिसका भारतीय इतिहास में अप्रतिम महत्व है। उक्त बातें डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में दयाल सिंह सांध्य महाविद्यालय में कही। प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की इस रचना ने सम्पूर्ण देश में स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांति की ज्वाला प्रज्ज्वलित की। प्राचार्या प्रो. भावना पाण्डेय ने महाविद्यालय के गौरवशाली अतीत का उल्लेख करते हुए वंदे मातरम् में निहित राष्ट्रप्रेम की भावना को अपने शब्दों में अभिव्यक्त किया। महाविद्यालय के चेयरमैन प्रो. डी.एस. चौहान ने भी राष्ट्रीय गीत के महत्त्व और स्वतंत्रत...