गंगापार, नवम्बर 7 -- सैदाबाद स्थित राजकीय महाविद्यालय में वन्दे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वंदे मातरम का समवेत स्वर में सामूहिक गायन रहा, जिससे पूरा प्रांगण राष्ट्रीय प्रेम की भावना से गूंज उठा। वंदे मातरम के समवेत स्वर में गायन के उपरांत एक विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। महाविद्यालय के समारोहक डॉ जंग बहादुर यादव ने वंदे मातरम की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा सात नवंबर 1875 को रचित यह गीत राष्ट्र के प्रति समर्पण, मातृभूमि के प्रति प्रेम और जन-जन में उत्साह का प्रतीक रहा है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो आशीष जोशी ने कहा कि वंदेमातरम् केवल गीत नहीं है बल्कि यह भारत की आत्मा, स्वाभिमान और स्वतंत्रता संग्राम का प्रेरक सूत...
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