कानपुर, फरवरी 14 -- झींझक,संवाददाता। वन्देमातरम का सम्मान होना चाहिए। बिना जन संख्या के देश का कल्याण नही होगा अगर फिर भी चेते नही तो फिर हम सभी गुलामी की जंजीर मे जकड़ जायेंगे। उक्त बात पूर्व शिक्षा मंत्री एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष हिन्दी साहित्य भारती रवीन्द्र शुक्ल ने रूप रतन वाटिका गेस्ट हाउस झीझक मे सेवानिवृत प्रधानाचार्य परिषद के सम्मान समारोह एंव शैक्षिक संगोष्ठी मे कही। उन्होने आगे कहा कि इसी बन्देमातरम का जयघोष करते हुए देश की आजादी के लिये लोग फांसी पर लटक गये। अगर बच्चो को स्वाभिमानी देश के प्रति नही बनाया सम्मान करना नही सिखाया तो सब अपने को भूल पडोसी को याद करेंग। सिर्फ भारत देश है जिसका इतिहास है किसने बनाया पता नही और सभी धर्मो की उत्पत्ति हुई। डा.इन्द्र भूषण पटेल, डा.विनोद दुबे, डा. नरेंद्र सिह, डा. कुलदीप दुबे, सुमनलतासिह, राम...